(तौकीर आलम पत्रकार)पिरान कलियर, हरिद्वार।विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत साबिर पाक में हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हुए जलभराव ने एक बार फिर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घुटनों तक भरे पानी के कारण जायरीनों, स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में दरगाह क्षेत्र जलभराव की समस्या से जूझता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका मानना है कि केवल बारिश के दौरान पानी निकाल देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक और स्थायी बनाया जाना चाहिए।
जायरीनों का कहना है कि देश-विदेश से लाखों लोग दरगाह में जियारत के लिए आते हैं। ऐसे में मुख्य मार्गों और दरगाह परिसर में जलभराव होने से न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी होती है, बल्कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की छवि भी प्रभावित होती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से पहले नियमित रूप से नालों की सफाई कराई जाए, जल निकासी के सभी मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए और ऐसी प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में दरगाह परिसर में पानी जमा न हो।
यदि प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस पहल शुरू की है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। वहीं यदि अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, तो संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे जल्द से जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएं, ताकि आने वाले मानसून में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इस समस्या से दोबारा न जूझना पड़े।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ, वेब डेवलपर और जनवाणी एक्सप्रेस के मुख्य संपादक। पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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